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बिज़नेस माइंडसेट

1. दूसरों के लिए काम करना - 
              जब हम अपने स्किल एवं योग्यता का उपयोग दूसरे के काम को बढ़ाने के लिए करते है, जिससे हमारी आमदनी निश्चित होती है जहाँ हम अकेले काम करते हैं और हमारे पास सिर्फ 24 घंटे ही होते है, इसलिए हम अपनी आमदनी चाह के भी समय के साथ नहीं बढ़ा सकते है... इसलिए इस काम को हार्ड-वर्क माना जाता है... जैसे - जॉब/सर्विस/नौकरी करना !!

2. खुद के लिए काम करना - 
              जब हम अपने स्किल एवं योग्यता का उपयोग खुद के काम को बढ़ाने के लिए करते हैं, जिससे हमारी आमदनी लगातार बढ़ती जाती है, क्युकि हम यहाँ अकेले काम नहीं करते बल्कि टीम के साथ काम करते हैं, जिससे हमारा वर्किंग टाइम 24 घंटे से 240 घंटे से 2400 घंटे से 24000 घंटे या इससे अधिक बढ़ जाता है, जिससे हमारी आमदनी समय के साथ बढ़ती जाती है... इसलिए, इस काम को स्मार्ट-वर्क कहा जाता है... आज इंटरनेट के युग में सभी लोग पार्ट टाइम खुद के लिए काम करके तेजी से पैसे बना सकते है। जैसे - सेल्स बिज़नेस/ऑनलाइन मार्केटिंग करना !! 
               
3. पैसे कमाने और पैसे बनाने में अंतर - 
                 जब हम अकेले काम/मेहनत करते तब उसके बदले जो लाभ मिलता है उसको कमाना कहते है, यह लाभ सीमित होता है, जिस पर हमारा स्वयं का कोई नियंत्रण नहीं होता है। 
              जब हम लोगों के साथ यानी किसी सिस्टम में मिलकर काम/मेहनत  करते है, तब उसके बदले जो लाभ मिलता है, उसको बनाना कहते हैं, यह लाभ असीमित होता है, जिसपर अपना स्वयं का पूरा नियंत्रण होता है। 

4. अमीर और अमीर होता जा रहा है, गरीब और गरीब, क्यों ? 
                      अमीरी और गरीबी, सिर्फ एक विचार यानी एक सोच है। जोकि सीख कर बदलाव लाया जा सकता है, जब सीखते है तब हम जीतते है। सीखना बंद तो जीतना बंद। क्योंकि अमीर वही बनते है जो पैसे बनाने में फोकस करते हैं। गरीब और मध्यम वर्ग और गरीब इसलिए बनते जा रहे है, क्योंकि वो पैसे बनाना सीखने के बजाय सिर्फ पैसे कमाने में फोकस करते हैं। 

5. महँगाई क्या है ? 
                       यह समय के साथ होने वाली आमदनी में अंतर का परिणाम है। जिससे सिर्फ गरीब वर्ग प्रभावित होता है, अमीर वर्ग को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह पैसे बनाना जानता है जिससे वह समय के साथ अधिक आमदनी बनाता है यानी अमीर, अपने विचार एवं काम में बदलाव करके, मँहगाई से 20 साल आगे की तैयारी करता है, वहीँ गरीब, अपने विचारों एवं काम मे कोई बदलाव नहीं करता जिससे वह मंहगाई से 20 साल पीछे चल रहा होता है।